शिल्पा दास

Shilpa Das

Responsibilities

Faculty of Interdisciplinary Design Studies (IDDS)

FACULTY OF INTER-DISCIPLINARY DESIGN STUDIES ODDS)


डॉ. शिल्पा दास अंतःविषयक डिजाइन अध्ययन की प्रिंसिपल फैकल्टी हैं। उन्होंने 2017 से एनआईडी के पीएच.डी. कार्यक्रम और 2004 से एनआईडी में विज्ञान और उदार कला अध्ययन का डिजाइन तैयार किया है और उसका नेतृत्व कर रही हैं। जेएनयू नई दिल्ली (एमए), गुजरात विश्वविद्यालय (एम.फिल.) और टीआईएसएस मुंबई (पीएच.डी.) की पूर्व छात्रा, शिल्पा को शिक्षा, प्रकाशन और स्वैच्छिक क्षेत्रों में 30 वर्षों का कार्य अनुभव है।

शिल्पा एनआईडी में शोध प्रकाशन, द ट्रेलिस और पत्रिका, डिजाइन्ड की संस्थापक सह-संपादक रही हैं। वे "राष्ट्रीय डिज़ाइन संस्थान के 50 वर्ष: 1961-2011" (2013) पुस्तक की संपादक, लेखिका और रचनात्मक विज़ुअलाइज़र हैं; और "वैश्वीकरण की दुनिया में भारतीय शिल्प" (2017) पुस्तक की सह-संपादक हैं। वे ग्लोबल हेल्थ: साइंस एंड प्रैक्टिस नामक पत्रिका के लिए ग्लोबल हेल्थ में मानव केंद्रित डिजाइन पर विशेष अंक की सह-संपादक हैं और टेलर एंड फ्रांसिस के द डिजाइन जर्नल की समीक्षक हैं।

उनके द्वारा पढ़ाए जाने वाले चुनिंदा पाठ्यक्रम हैं सौंदर्यशास्त्र; डिजाइन का इतिहास; कला का इतिहास; वस्तुओं का इतिहास; भारतीय कहानी कहने की परंपराएं; विकलांगता के लिए डिजाइन; सांस्कृतिक अध्ययन; रूप, भावना, संस्कृति; विकलांगता अध्ययन; और शिल्प प्रलेखन। वे मैरिस्ट कॉलेज, न्यूयॉर्क; एचटीडब्ल्यू बर्लिन, जर्मनी; एसडब्ल्यूआईटी, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया; एचएसएलयू, ल्यूसर्न, स्विट्जरलैंड; पोलीटेक्निको डि मिलानो, इटली; स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर सेप्ट, अहमदाबाद; आईआईटी बॉम्बे आदि में विजिटिंग फैकल्टी रही हैं। उन्हें कोन्स्टफैक विश्वविद्यालय, स्वीडन और स्टॉकहोम स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप; स्वाइनबर्न प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ऑस्ट्रेलिया महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, तथा डाक एवं तार विभाग, भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया है।

उनकी उल्लेखनीय परियोजनाएं भारतीय नौसेना, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग; महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, तथा डाक एवं तार विभाग, भारत सरकार के लिए रही हैं।

वे 2018 में वैश्विक स्वास्थ्य में मानव-केंद्रित डिजाइन (एचसीडी) के उपयोग पर बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सलाहकार बोर्ड में; और, 2019-20 में भारत, केन्या, नाइजीरिया और तंजानिया में महिलाओं के यौन/प्रजनन स्वास्थ्य पर कोर प्रोजेक्ट में थीं। वे 2018 से स्विट्जरलैंड में स्विस ग्रेजुएट नेटवर्क ऑफ यूज-इंस्पायर्ड रिसर्च इन डिजाइन के सलाहकार बोर्ड में हैं। वे अंतरराष्ट्रीय निर्णायक मंडल, पीएच.डी. डिफेंस और वैज्ञानिक समितियों में व्यापक रूप से कार्य करती हैं।

एनआईडी में, उन्होंने 2004 में भारत में भारतीय शिल्प पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, “भारतीय शिल्प: एक वैश्वीकरण दुनिया में भविष्य” का सह-संयोजन किया और 2018 में डिजाइन अनुसंधान पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “इनसाइट 2018” का आयोजन किया।